शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के पिता का दर्द: बाेले बेटा मेरे जन्मदिन पर सरप्राइज देता था‚ अब जिंदगीभर का गम दे गया

बुजुर्ग कंधों पर जवान बेटे की अर्थी: ये दुख असहनीय‚ CDS बिपिन रावत के साथ जान गंवाने वाले दिवंगत विंग कमांडर पृथ्वी चौहान के बुजुर्ग पिता अपनी बहन से मिले। तो आंखों में सैलाब था
शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के पिता का दर्द: बाेले बेटा मेरे जन्मदिन पर सरप्राइज देता था‚ अब जिंदगीभर का गम दे गया
आगरा में दिवंगत विंग कमांडर पृथ्वी चौहान के बुजुर्ग पिता अपनी बहन से मिले

ब्यूरो रिपोर्ट. विंग कमांडर पृथ्वी के पिता सुरेंद्र सिंह चौहान आगामी 31 दिसंबर को अपना जन्मदिवस मनाने वाले हैं। बहन ने बताया कि वे हर वर्ष 31 दिसंबर को घर आकर पिता को सरप्राइज देते थे।

उन्होंने बताया कि गत वर्ष पिता के जन्मदिवस पर घर नहीं पहुंचे तो लगा कि शायद उन्हें छुट्टी नहीं मिली होगी, लेकिन तभी अचानक बिना सूचना दिए घर पहुंच कर सभी परिवारजनों को चौंका दिया।

इस बार भी सभी बहनों ने पृथ्वी सिंह से पिता को जन्मदिन पर सरप्राइज देने के लिए कहा था, लेकिन हमें क्या मालूम था कि वो अचानक पूरे परिवार को ऐसा चौकाएंगे कि जिंदगीभर का गम दे जाएंगे।

ये उस पिता की असहनीय पीड़ा है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती...
पिता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह जब भी मेरे जन्मदिन पर आते थे तो हम पूरे परिवार के साथ जन्मदिन और नया साल मनाते थे। इस बार भी मेरा जन्मदिन आ रहा है लेकिन पृथ्वी के बिना कैसा जन्मदिन। ये उस पिता की असहनीय पीड़ा है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। इधर बड़ी बहन भी भाई पृथ्वी की तस्वीर को रो रो कर निहारते हुए यही कहती दिखी कि भाई तुम 31 दिसंबर को आने वाले थे... तुमने कभी अपना वादा नहीं तोड़ा फिर इस बार धोखा क्यों दे दिया.. ये कहते ही बहन की आंखों से आंसू छलक पड़े।

कौन थे विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान?

आपको बता दें कि आगरा निवासी विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान बचपन से ही आसमान की उंचाई को छू ने की तमन्ना रखते थे।

चौहान ने एमपी के रीवा स्थित सैनिक स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की और यही से एनडीए के लिए चुने गए। इसके बाद 2000 में इंडियन एयर फोर्स में शामिल हो गए। वे मौजूदा समय में वे तमिलनाडु के कोयम्बटूर में भारतीय वायु सेना स्टेशन पर तैनात थे।

ज्‍वाइनिंग के बाद विंग कमांडर पृथ्‍वी सिंह चौहान की हैदराबाद में पहली पोस्टिंग हुई। इसके बाद वे गोरखपुर, गुवाहाटी, ऊधमसिंह नगर, जामनगर, अंडमान निकोबार सहित अन्‍य एयरफोर्स स्टेशन पर भी तैनात रहे।

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