सरकारी पैसे का स्कूल में बना दिया मकबरा: नमाज पढ़ना भी शुरू; मुस्लिम महिला प्रधानाध्यापक निलंबित

राज्य सरकार ने हाल ही में इस स्कूल को सीएम राइज स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए चुना था। इसके लिए जारी किए गए फंड के दुरुपयोग का मामला भी सामने आया है। शाइना फिरदौस ने न सिर्फ सरकारी खर्च पर स्कूल परिसर में चबूतरा बनवाया, बल्कि शुक्रवार को यहां लोगों ने नमाज पढ़ना भी शुरू कर दिया।
सरकारी पैसे का स्कूल में बना दिया मकबरा: नमाज पढ़ना भी शुरू; मुस्लिम महिला प्रधानाध्यापक निलंबित

विदिशा जिले के कुरवाई में सीएम राइज स्कूल में मरम्मत के पैसे से मजार निर्माण के आरोप में एक मुस्लिम महिला प्रधानाध्यापक को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। प्रिंसिपल के पति स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर थे और उन्होंने यह मजार बनवाया था। स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक ने सरस्वती मंदिर निर्माण की अनुमति मांगी थी, जिसे प्राचार्य ने खारिज कर दिया। इस स्कूल में कोई राष्ट्रगान नहीं था।

गोपनीय जांच की और सभी आरोप सही पाए गए

सीएम राइज स्कूल कुरवाई की तत्कालीन प्रिंसिपल शाइना फिरदौस को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। गुरुवार शाम को लोक शिक्षा आयुक्त अभय वर्मा ने शाइना को निलंबित करने का आदेश जारी किया।

राज्य सरकार ने हाल ही में इस स्कूल को सीएम राइज स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए चुना था। इसके लिए जारी किए गए फंड के दुरुपयोग का मामला भी सामने आया है। शाइना फिरदौस ने न सिर्फ सरकारी खर्च पर स्कूल परिसर में चबूतरा बनवाया, बल्कि शुक्रवार को यहां लोगों ने नमाज पढ़ना भी शुरू कर दिया।

मुस्लिम छात्रों को छुट्टी दे दी गई। स्कूल के शिक्षकों ने प्राचार्य के खिलाफ शिकायत की थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने गोपनीय जांच की और सभी आरोप सही पाए गए।

अधिकारियों की लापरवाही उजागर

स्कूल में मकबरा निर्माण की शिकायत कुछ माह पूर्व जिला शिक्षा विभाग से की गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने तत्काल कोई कार्रवाई करने की बजाय प्रखंड अधिकारी से गोपनीय जांच करायी।

रिपोर्ट संयुक्त निदेशक को भेजी गई, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अतुल मुद्गल ने शाइना फिरदौस को पथरी हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थानांतरित कर दिया। जहां उन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है।

मकबरा हटाने के लिए कलेक्टर को लिखा गया पत्र

जिला शिक्षा अधिकारी मुद्गल का कहना है कि 31 अगस्त को उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर स्कूल परिसर से समाधि हटाने को कहा था। इस निर्माण को अभी तक हटाया नहीं गया है। फरवरी 2022 में प्राचार्य ने स्कूल की मरम्मत की राशि से चबूतरा बनवाया गया।

इस चबूतरा को मकबरे का रूप दिया गया। बाल संरक्षण अधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने आरोप लगाया है कि स्कूल परिसर में एक धर्म विशेष पर आधारित गतिविधियां लंबे समय तक चलती रहीं। शिक्षा विभाग के अधिकारी बेखबर रहे।

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