कौन हैं बांसुरी स्‍वराज, जिन्हें विरासत में मिली राजनीति पहचान

बांसुरी स्‍वराज (Bansuri Swaraj) पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल की बेटी है। इन दिनों राजनीति के गलियारों में इनकी खूब चर्चा हो रही है।
कौन हैं बांसुरी स्‍वराज, जिन्हें विरासत में मिली राजनीति पहचान
कौन हैं बांसुरी स्‍वराज, जिन्हें विरासत में मिली राजनीति पहचान

बांसुरी स्‍वराज (Bansuri Swaraj) पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल की बेटी है। इन दिनों राजनीति के गलियारों में इनकी खूब चर्चा हो रही है।

लेकिन अपनी मां की तरह उनकी पहचान इतनी हीं है। वो अपने आप में एक काबिल वक‍ील होने के साथ साथ भाजपा की सह-संयोजक भी है।

हाल ही में बीजेपी ने उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 में दिल्ली कांस्टिटुएंसीय से विदेशी उप मंत्री मीनाक्षी लेखी के स्थान पे टिकट दिया है।

क्या है बांसुरी का इतिहास

बांसुरी स्वराज का जन्म 3 जनवरी 1984 में हुआ था। इन्होने इंग्लैंड की वार्विक यूनिवर्सिटी से इंग्लिग लिटरेचर में ग्रेजुएशन की डिग्री ली और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त किया।

जिसके बाद वो 2007 में दिल्ली के बार काउंसिल में शामिल हुई और अब यह सुर्पीम कोर्ट में वकील है।

इसके साथ ही 2012 में इन्‍हें एसआइइएस-राइस विथ एजुकेशन के द्वारा सम्मानित भी किया गया था। जिसके बाद 2023 में बीजेपी ने इन्‍हें पार्टी की सह-संयोजक के तौर पर नियुक्‍त किया गया है।

बता दें कि बांसुरी को वकालत का 16 साल का अनुभव है और उन्‍होनें रियल एस्टेट, कांट्रेक्ट और टैक्स आदि से जुड़े कई हाई प्रोफाइल केस में अपना योगदान दिया है।

लोकसभा चुनाव में खडे़ होने से पहले भी कई बार बांसुरी चर्चा में रह चुकी है। 2019 में जब उन्‍होनें अपनी मां सुषमा स्‍वराज के अंतिम संस्‍कार के रीति रिवाज निभाए थे।

जब उनकी खूब तारीफ हुई थी। इसके साथ ही NTC बिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी की कड़ी निंदा करते हुए, उसे निकम्‍मी और झगड़ालू कहा गया था।

जब बांसुरी स्वराज से उनकी स्वर्गी मां के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा ‘अपने पिछले जीवन में, मैंने सुषमा स्वराज को अपनी मां बनाने के लिए कुछ अच्छे कर्म किए होंगे।

वह मेरी प्रेरणा और मार्गदर्शक। ऐसा कहा जाता है कि बांसुरी भी अपनी मां की तरह निडर और बेबाक है।

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