By Election: 6 राज्यों के उप-चुनाव; थमा प्रचार का शोर...यूपी से ओडिशा तक जानें कहां किसका जोर

छह राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हो रहे उप चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान होगा। किस सीट पर कितने उम्मीदवार मैदान में हैं और कहां से क्या समीकरण हैं? मुकाबला किनके बीच है? आइये जानते हैं हर सीट की दलीय स्थिति के बारे में।
By Election: 6 राज्यों के उप-चुनाव; थमा प्रचार का शोर...यूपी से ओडिशा तक जानें कहां किसका जोर

छह राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हो रहे उप चुनाव का प्रचार थम चुका है। गुरुवार को इन सभी सीटों पर वोट डाले जाएंगे। छह नवंबर को नतीजे आएंगे। जिन सीटों पर उप चुनाव हो रहे हैं उनमें उत्तर प्रदेश की गोला गोकर्णनाथ, बिहार की मोकामा और गोपालगंज, हरियाणा की आदमपुर, महाराष्ट्र की अंधेरी ईस्ट, ओडिशा की धामनगर और तेलंगाना की मुनुगोडे सीट शामिल हैं। किस सीट पर कितने उम्मीदवार मैदान में हैं और कहां से क्या समीकरण हैं? मुकाबला किनके बीच है? आइये जानते हैं हर सीट की दलीय स्थिति।

उत्तर प्रदेश: गोला गोकर्णनाथ में सीधी टक्कर भाजपा-सपा में, अखिलेश की दूरी की चर्चा

उत्तर प्रदेश की गोला गोकर्णनाथ सीट भाजपा विधायक अरविन्द गिरि के निधन की वजह से खाली हुई है। इस सीट पर भाजपा ने अरविंद गिरि के 26 वर्षीय बेटे अमन गिरि को उम्मीदवार बनाया है। अमन का मुख्य मुकाबला सपा के विनय तिवारी से है। तिवारी विधानसभा चुनाव में भी सपा उम्मीदवार थे। तब उन्हें अमन के पिता अरविंद तिवारी ने 29,294 वोट से हराया था। चार निर्दलियों समेत कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं।

बसपा और कांग्रेस ने इस चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। गोला गोकर्णनाथ विधानसभा सीट के उपचुनाव में जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई मंत्री जनसभाएं कीं, वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव दूरी बनाए रखी। हालांकि सपा के ज्यादातर वरिष्ठ नेता विधानसभा क्षेत्र में हैं। वे भाजपा सरकार की नाकामियों और सपा शासन की उपलब्धियों को बताकर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांग रहे हैं।

बिहार : दो सीटों पर उप चुनाव, मुख्य मुकाबला भाजपा-राजद-बसपा में

बिहार में दो विधानसभा सीटों गोपालगंज और मोकामा में उप चुनाव हो रहे हैं। गोपालगंज में भाजपा विधायक सुभाष सिंह के निधन की वजह से उप चुनाव हो रहे हैं। इस सीट पर कुल नौ उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा-राजद और बसपा के बीच है। बसपा ने इस सीट से लालू यादव के साले साधू यादव की पत्नी इन्दिरा यादव को टिकट दिया है। साधू यादव इस सीट से 2000 में विधायक रहे हैं।

भाजपा ने सुभाष सिंह की पत्नी कुसुम देवी को उतारा है। सुभाष इस सीट से 2005 से लगातार चार बार विधायक रहे थे। वहीं, राजद ने मोहन प्रसाद गुप्ता को टिकट दिया है। वैश्य बहुल सीट पर राजद ने वैश्य उम्मदीवार उतारा था। उसे यादव और मुस्लिम वोटों की मदद से जीत की उम्मीद थी। हालांकि, साधू यादव की पत्नी के बसपा से और एआईएमआईएम के अब्दुल सलाम के मैदान में आने से मुकाबाल दिलचस्प हो गया है।

मोकामा सीट राजद के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को अयोग्य ठहराए जाने के बाद खाली हुई है। इस सीट से कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला राजद और भाजपा के बीच बताया जा रहा है। राजद ने अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को उतारा है। नीलम देवी का मुकाबला भाजपा की सुमन देवी से है। सुमन मोकामा से तीन बार चुनाव लड़ चुके नलिनी रंजन शर्मा उर्फ ललन सिंह की पत्नी हैं। उप चुनाव से पहले तक ललन जदयू में थे।

महाराष्ट्र: भाजपा, मनसे की वापसी से उद्धव ठाकरे प्रत्याशी की जीत तय

महाराष्ट्र की अंधेरी ईस्ट सीट पर भी गुरुवार को मतदान होगा। शिवसेना विधायक रमेश लटके के निधन की वजह से इस सीट पर चुनाव हो रहे हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने यहां से रमेश लटके की पत्नी ऋतुजा लटके को उम्मीदवार बनाया है। यहां से कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा, मनसे जैसी पार्टियों ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है, जिससे उद्धव गुट की उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

हरियाणा : आदमपुर में भाजपाई हुए कुलदीप बिश्नोई की प्रतिष्ठा दांव पर

हरियाणा जिले का आदमपुर सीट यहां से कांग्रेस विधायक रहे कुलदीप बिश्नोई की इस्तीफे से खाली हुई है। कुलदीप ने विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है। इस सीट से भाजपा ने कुलदीप के बेटे भव्य बिश्नोई को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट से कुल 22 उम्मीदवार मैदान में हैं। 2019 में कांग्रेस के खाते में गई इस सीट से कांग्रेस ने जय प्रकाश को उम्मीदवार बनाया है। आप के सतेंदर सिंह भी मुकाबले में हैं।

तेलंगाना: मुनुगोडे सीट पर मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और सत्ताधारी टीआरएस के बीच

मुनुगोडे विधानसभा सीट पर 2018 में कांग्रेस के टिकट पर जीते के. राजगोपाल रेड्डी के इस्तीफे की वजह से इस सीट पर चुनाव हो रहे हैं। इस्तीफे के बाद रेड्डी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ने उन्हें यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट वैसे तो कुल 47 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और सत्ताधारी टीआरएस के बीच है। टीआरएस ने पूर्व विधायक के. प्रभाकर रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने पी. श्रवंती को टिकट दिया है। श्रवंती मुनुगोडे से पांच बार विधायक रहे पी. गोवर्धन रेड्डी की बेटी हैं।

ओडिशा : धामनगर सीट पर भाजपा को सहानभूति लहर से उम्मीद

ओडिशा की धामनगर सीट पर भाजपा विधायक विष्णु चरण सेठी के निधन की वजह से चुनाव हो रहे हैं। भाजपा ने यहां से सेठी के बेटे सूर्यबंशी सूरज को उम्मीदवार बनाया है। उसे सहानभूति वोट मिलने की उम्मीद है। इस सीट पर भाजपा का मुकाबला बीजद की अबंती दास, कांग्रेस के बाबा हरेकृष्ण सेठी से है। इससे पहले इस सीट पर दो बार उप चुनाव हो चुके हैं। दोनों बार तत्कालीन विधायक के निधन की वजह से उप चुनाव की नौबत आई। तब संबंधित विधायक के परिवार के सदस्य को जीत मिली थी।

इसलिए आई यहां उप चुनाव की नौबत

जिन सात सीटों पर उप चुनाव हो रहे हैं उनमें से चार सीटें विधायकों के निधन की वजह से खाली हुई हैं। दो सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने की वजह से खाली हुई हैं। इस्तीफा देने वाले दोनों विधायक अब भाजपा में हैं। इनमें से एक को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है तो दूसरे के बेटे को उस सीट से भाजपा ने उतारा है। एक सीट राजद विधायक को सजा होने के बाद उन्हें अयोग्य ठहराए जाने से खाली हुई है।

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