राजस्थान के जघीना ने दिए कई अफसर, कभी माफियाओं के लिए मशहूर था ये गांव

भरतपुर संभाग के सबसे बड़े गांव जघीना का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग कृपाल-कुलदीप जघीना हत्याकांड को याद करने लगते हैं। इन दोनों गैंगस्टर्स के बीच छिड़ी जंग ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन इस गांव की असल तस्वीर इससे अलग है।
राजस्थान के जघीना ने दिए कई अफसर, कभी माफियाओं के लिए मशहूर था ये गांव
राजस्थान के जघीना ने दिए कई अफसर, कभी माफियाओं के लिए मशहूर था ये गांव

भरतपुर संभाग के सबसे बड़े गांव जघीना का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग कृपाल-कुलदीप जघीना हत्याकांड को याद करने लगते हैं।

इन दोनों गैंगस्टर्स के बीच छिड़ी जंग ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन इस गांव की असल तस्वीर इससे अलग है।

करीब 30 हजार की आबादी वाले इस गांव ने कई सरकारी अफसर दिए हैं। जघीना गांव के लोग प्रधान और विधायक से लेकर विदेश मंत्री और आइएएस तक बने हैं।

नटवर सिंह भी इसी गांव से निकले

कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार रहें नटवर सिंह इसी गांव के मूल निवासी हैं। वे पहले भारतीय विदेश सेवा में चुने गए थे।

जो केन्द्रीय राज्यमंत्री के बाद वर्ष 2004 में विदेश मंत्री बने। उनके बेटे जगत सिंह लक्ष्मणगढ़, कामां के बाद अब नदबई से विधायक है।

जघीना की बादशाहत यहां के युवाओं ने पढ़ाई के क्षेत्र में भी कायम रखी। यहां की युवा पीढ़ी गांव की नकारात्मक छवि को बदलने का प्रयास कर रही है।

माफियाओं की गोली मारकर की गई हत्या

बता दें कि कृपाल-कुलदीप जघीना हत्याकांड देशभर में चर्चित रहा। दोनों हिस्ट्रीशीटर की हत्या की गई। कृपाल की हत्या जधीना गेट के पास अंधाधुंध फायरिंग के दौरान हुई थी।

इसके बाद हिस्ट्रीशीटर कुलदीप को भरतपुर पेशी पर लाते हुए आमोली टोल प्लाजा पर गोली मारकर हत्या का गई थी। गौरतलब है कि जघीना हत्याकांड गांव के हर घर से कोई कोई सरकारी नौकरी में है तो कोई नेता है।

■ ठाकुर गोविंद सिंह को भरतपुर के महाराजा ने डीग का

नाजिम नियुक्त किया था।

■ नटवर सिंह पहले आइएफएस

अधिकारी बने। वे विदेश मंत्री के पद तक पहुंचे।

■ मेजर गोविंद सिंह भारत विभाजन के समय जज रहे। संपत्तियों के बंटवारे में वे निर्णायक रहें और उनके पुत्र भगवत सिंह अमरीका में राजनयिक थे। अमरीका में निधन के बाद अंतिम संस्कार यहां पर किया गया।

■ कर्नल भरत सिंह भारतीय सेना में थे। स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर देशराज सिंह ने 'जाट

अब तक इन्होंने रोशन किया गांव का नाम। इतिहास' समेत कई पुस्तकें लिखीं।

■ यहां के बीरवल चौथइया एक धनाढ्य व्यक्ति थे। वे अकाल, महामारी में आमजन की मदद के लिए सोने की अशर्फियां राजकोष में देते थे।

■वर्तमान में पूरन सिंह जिला जज के पद पर तैनात हैं। राजेंद्र सिंह बीएसएफ के सीओ हैं तथा गौरव कुमार आइएएस हैं।

बता दें कि अब तक 7 एसएचओ, 14 कांस्टेबल, एक सीआई, 2 कस्टम में, 26 शिक्षक, आर्मी में 23 युवाओं समेत दर्जनों प्रधानाचार्य, एलडीसी, कोर्ट, डाक विभाग, केंद्रीय सेवाओं में कार्यरत हैं।

जघीना के हर घर से कोई कोई सरकारी नौकरी में है। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक भरतपुर तहसील में स्थित जघीना गांव की आबादी 9,233 है।

इसमें 5.008 पुरुष और 4.225 महिलाएं हैं। इसे चार थोकों में बांटा गया है। हालांकि वर्तमान में इसकी आबादी 30 हजार से अधिक है। यहां के युवाओं में जोश जन्म से ही आता है

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