राजस्थान: डेढ़ साल से नकली नोटों का कारोबार, सात आरोपितों से पकड़े पौने तीन करोड़

पुलिस प्रशासन की नजर के नीचे चल रही थी नकली नोट बनाने की धांधली, पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया, पूछताछ जारी
राजस्थान: डेढ़ साल से नकली नोटों का कारोबार, सात आरोपितों से पकड़े पौने तीन करोड़

बीकानेर में पुलिस ने नकली नोट छापने व सप्लाई करने वाले गिरोह से पौने तीन करोड़ रुपए बरामद किये है। पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते ये गिरोह बीकानेर से देश दिल्ली, कोलकाता, मुम्बई समेत कई शहरों में सप्लाई करता था।

राजस्थान को क्राइम फ्री बनाने का दावा करने वाली पुलिस के आंखों के नीचे चल रहा ये सरगना, कहीं न कहीं पुलिस प्रशासन की मिलीभगत को बताता है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में सात युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

सात युवकों की थी टीम

पुलिस ने नकली नोट छापने व सप्लाई करने वाले गिरोह से पौने तीन करोड़ रुपए बरामद कर सात युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में वकील, आढ़तिया, दुकानदार और कूरियरकर्मी शामिल है। यह गिरोह करीब डेढ़ साल से देशभर में नकली नोटों की सप्लाई कर रहा था। पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने रविवार को इस प्रकरण का खुलासा किया। पुलिस का अनुमान है कि आरोपी अब तक 12 से 15 करोड़ के नकली नोट पूरे देश में खपा चुके है।

आइजी ने बताया कि शनिवार देर रात तक चली कार्रवाई में पकड़ा गया मुख्य सरगना नोखा के सुरपुरा निवासी चम्पालाल उर्फ नवीन आढ़त व्यवसायी है। वहीं, जसरासर थाना क्षेत्र के बेरासर गांव निवासी राकेश तथा नापासर थाना क्षेत्र के गुंसाईसर बड़ा निवासी पूनमचंद कूरियरकर्मी हैं। लूणकरनसर निवासी मालचंद दुकानदार है, खाजूवाला थाना क्षेत्र के 28 केजेडी हाल वृन्दावन एन्क्लेव कॉलोनी निवासी रविकान्त अधिवक्ता है। साथ ही, दंतौर निवासी नरेन्द्र और लूणकरनसर निवासी दीपक को गिरफ्तार किया गया है।

ऑनलाइन ट्रेनिंग लेकर बनाए नोट

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नकली नोट छापने के लिए सॉफ्टवेयर खरीदा और ऑनलाइन इसकी ट्रेनिंग ली गई। सरगना का मुख्य आरोपी चम्पालाल उर्फ नवीन से पूछताछ चल रही है कि उसने यह सॉफ्टवेयर कहां से खरीदा। उसने अन्य लोगों को भी वृंदावन एन्क्लेव के एक मकान में ट्रेनिंग दी।

साठ लाख रुपए के नकली नोट भेजे जाने थे कोलकाता

पूछताछ में पता चला कि साठ लाख रुपए के नकली नोट सोमवार को कोलकाता भेजे जाने थे। इनके बदले असली नोट बैंक खाते से लिए जाते थे। आइजी ने बताया कि आरोपियों ने बीकानेर से देश दिल्ली, कोलकाता, मुम्बई, पुणे, चेन्नई, बेंगलूरु, पटना, गुवाहाटी, शिलोंग, लुधियाना, चंडीगढ़, सूरत, अहमदाबाद, वृंदावन, बनारस, गाजियाबाद आदि शहरों में सप्लाई किए जा रहे हैं।

नोटों के बीच लगने वाली तार पट्टी तक नकली

पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश भी नोट को पहली बार देखा तो चकरा गए। गिरोह ने नकली नोट बनाने के लिए हाइ क्वालिटी के कागज, नोट के बीच लगने वाली तार पट्टी तक नकली बना रखी थी। नोटों की गड्डियों पर बैंकों की ओर से लगने वाली पैकिंग पट्टी भी इनसे बरामद हुई है। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक की टीम भी इन नोटों की पड़ताल करने के लिए बीकानेर आ सकती है। नकली नोट छापने के लिए विशेष प्रकार की स्याही व कागज सप्लाई करने वाले दीपक को हरियाणा पुलिस ने रविवार को करनाल से गिरफ्तार कर लिया। उससे पता चलेगा कि यह स्याही, कागज और पन्नी वह और किस-किसको भेज देता था।

राजस्थान: डेढ़ साल से नकली नोटों का कारोबार, सात आरोपितों से पकड़े पौने तीन करोड़
पालतू डॉग्स का मासूमों पर आतंक : Jaipur में जर्मन शेफर्ड ने 5 साल की बच्ची को 20 से ज्यादा जगहों पर काटा, निगम कटघरे में

Related Stories

No stories found.
Since independence
hindi.sinceindependence.com