जिम्मेदार ही मयखाने भरने को तैयार, शराब मुक्ति या शराब भक्ति

क्या इस कड़ाके की ठंड को देखते हुए हरियाणा सरकार ने शराब पीने और खरीदने की उम्र में बड़ा बदलाव किया है?
जिम्मेदार ही मयखाने भरने को तैयार, शराब मुक्ति या शराब भक्ति

हरियाणा सरकार ने शराब पीने और खरीदने की उम्र में बड़ा बदलाव किया है

डेस्क न्यूज. शराब सेहत के लिए हानिकारक है इस तरह की लाइनों का प्रचार करते हुए या इससे सम्बंधित शराब मुक्ति केन्द्रों का उद्घाटन करते हुए माननीयों को देखा होगा। बाकि नशे को लेकर लंबे-चौड़े भाषण भी आपने सुने होगें। लेकिन क्या ये महज एक दिखावा होता है? जी.. हम ये इस लिए बोल रहे हैं क्योंकि हरियाणा विधानसभा में कुछ इस तरह का ही बिल पास किया गया है माननीयों के द्वारा..

<div class="paragraphs"><p>राजधानी दिल्ली में हाल ही में उम्र सीमा को घटाकर 21 वर्ष कर दिया</p></div>

राजधानी दिल्ली में हाल ही में उम्र सीमा को घटाकर 21 वर्ष कर दिया

हरियाणा सरकार मेें शराब पीने और खरीदने की उम्र में बदलाव

क्या इस कड़ाके की ठंड को देखते हुए हरियाणा सरकार ने शराब पीने और खरीदने की उम्र में बड़ा बदलाव किया है? जिसके बाद अब हरियाण में 21 साल के युवा भी शराब खरीद और पी सकेंगे। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बुधवार को सरकार ने 'हरियाणा उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2021' पारित कर दिया। इस बिल के मुताबिक अब राज्य में शराब खरीदने और पीने की कानूनी न्यूनतम उम्र 21 साल हो गई है। इससे पहले राज्य में 25 साल से कम उम्र का व्यक्ति न तो शराब खरीद सकता था और न ही बेच सकता था।

राजधानी दिल्ली में हाल ही में उम्र सीमा को घटाकर 21 वर्ष कर दिया

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली ने भी हाल ही में इस आयु सीमा को घटाकर 21 वर्ष कर दिया है। इसके अलावा, वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति उस समय की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में काफी बदल गई है। जब उपरोक्त प्रावधानों को आबकारी अधिनियम में शामिल किया गया था। लोग अब अधिक शिक्षित हैं और नए प्रयासों में भाग ले रहे हैं और जिम्मेदार हैं, यहां तक कि जब पीने की बात आती है तो तर्कसंगत निर्णय भी ले सकते हैं।

पहले क्या था प्रावधान

  • हरियाणा उत्पाद अधिनियम, 1914 में संशोधन करने के लिए हरियाणा उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया गया है। हरियाणा उत्पाद अधिनियम, 1914 की धारा 27 में प्रावधान है कि किसी भी देशी शराब के निर्माण के साथ-साथ थोक या खुदरा बिक्री के लिए एक पट्टा या राज्य सरकार द्वारा 25 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को नहीं दी जाएंगी। हरियाणा आबकारी (संशोधन) विधेयक की धारा 62 में प्रावधान है कि यदि कोई लाइसेंस प्राप्त विक्रेता या उसका कर्मचारी या उसकी ओर से कार्य करने वाला कोई व्यक्ति 25 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को कोई शराब या दवा बेचता या वितरित करता है, कोई अन्य दंड, जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा जो 50 हजार रुपये तक हो सकता है।

  • इसी प्रकार, हरियाणा आबकारी (संशोधन) विधेयक की धारा 29 के तहत, कोई भी लाइसेंस प्राप्त विक्रेता या ऐसे विक्रेता की ओर से या उसकी ओर से कार्यरत कोई भी व्यक्ति 25 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शराब या ड्रग्स बेचेगा। या वितरण को प्रतिबंधित करता है। धारा 30 में प्रावधान है कि 25 वर्ष से कम आयु के किसी भी पुरुष या महिला को किसी भी व्यक्ति द्वारा नियोजित नहीं किया जा सकता है, जिसके पास अपने परिसर के उपभोग के लिए शराब या ड्रग्स बेचने का लाइसेंस है। हरियाणा सरकार ने इस कड़ाके की ठंड में शराब पीने और खरीदने की उम्र में बड़ा बदलाव किया है. जिसके बाद अब 21 साल के युवा भी शराब खरीद और पी सकेंगे। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बुधवार को सरकार ने 'हरियाणा उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2021' पारित कर दिया. इस बिल के मुताबिक अब राज्य में शराब खरीदने और पीने की कानूनी न्यूनतम उम्र 21 साल हो गई है. इससे पहले राज्य में 25 साल से कम उम्र का व्यक्ति न तो शराब खरीद सकता था और न ही बेच सकता था।

<div class="paragraphs"><p>हरियाणा सरकार ने शराब पीने और खरीदने की उम्र में बड़ा बदलाव किया है</p></div>
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कई अन्य राज्यों ने शराब पीने खरीदने और बेचने की न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित की

वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति बनाते समय इस बात पर चर्चा की गई थी कि आयु सीमा 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष की जा सकती है, क्योंकि कई अन्य राज्यों ने न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित की है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली ने भी हाल ही में इस आयु सीमा को घटाकर 21 वर्ष कर दिया है। इसके अलावा, वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति उस समय की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से काफी बदल गई है। जब उपरोक्त प्रावधानों को आबकारी अधिनियम में शामिल किया गया था। लोग अब अधिक शिक्षित हैं और नए प्रयासों में भाग ले रहे हैं और जिम्मेदार हैं, यहां तक ​​​​कि जब पीने की बात आती है तो तर्कसंगत निर्णय भी ले सकते हैं।

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