राम मंदिर की छाप में लुप्त हो रहे दूसरे मुद्दे, जानें क्या है पूरा मामला

राजा राम अवध रजधानी ,गावत गुन सुर मुनि बर बानी। स्वामी तुलसीदास की लिखी ये चौपाई आज उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र पर खरी उतरती दिखाई दे रही है।
राम मंदिर की छाप में लुप्त हो रहे दूसरे मुद्दे, जानें क्या है पूरा मामला
राम मंदिर की छाप में लुप्त हो रहे दूसरे मुद्दे, जानें क्या है पूरा मामला

राजा राम अवध रजधानी ,गावत गुन सुर मुनि बर बानी। स्वामी तुलसीदास की लिखी ये चौपाई आज उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र पर खरी उतरती दिखाई दे रही है। वैसे तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है, लेकिन अवध के लिए तो अयोध्या ही राजधानी और श्री राम उनके राजा हैं।

यही कारण है कि इस बार अवध में लोकसभा के सभी मुद्दे अवध के राम मंदिर की चमक के आगे फीके पड़ गए हैं।

अवध की 16 सीटों पर बीजेपी करेगी जीत दर्ज

अवध क्षेत्र की 16 संसदीय सीटों में अयोध्या के साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और गांधी परिवार का गढ़ माने जाने वाली रायबरेली भी शामिल है।

मोहनलालगंज, सुल्तानपुर, उन्नाव, सीतापुर, धौरहरा, लखीमपुर सहित सभी संसदीय सीटों पर चर्चा का केंद्र भव्य राम मंदिर का निर्माण है।

राम मंदिर के निर्माण ने उत्तर प्रदेश के सभी स्थानीय समस्याओं को पीछे छोड़ दिया है। वहां हर जगह बस राम को अपना मानने की आवाज उठ रही है। अपने-अपने राज्यों के बीच राम राज्य की चर्चा चौराहों पे जरूर नज़र आती है।

भाजपा के लोग राम मंदिर के निर्माण के साथ राम-राज्य लाने की बात करते हैं तो वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था से लेकर किसानों को हो रही परेशानियों के मसले उठाकर असली राम राज्य लाने की बात कर रहा है।

आपको बता दें कि पिछली बार भाजपा ने 16 लोकसभा सीटों में से 13 सीटों पर जीत हासिल की थी। विपक्ष के पास जो तीन सीटें थी।

उनमें से रायबरेली की सीट कांग्रेस ने जीती थी और आंबेडकर नगर और श्रावस्ती बसपा के पास थी, लेकिन अब की बार भाजपा अवध में 16 सीटों पर जीत का दावा दर्ज कर रही है। वहीं विपक्ष भी अपनी जीत के लिए पूरा जोर लगा रहा है।

अवध क्षेत्र पूर्व मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और इंदिरा गांधी परिवार की विरासत के लिए भी चर्चा में रहता है। लखनऊ में अटल की विरासत को आगे बढ़ा रहें राजनाथ सिंह एक बार चुनावी मैदान में है।

गांधी परिवार की विरासत रायबरेली की सीट पर अभी भी सस्पेंस कायम है। अब देखने वाली ये बात होगी की अवध में आखिर कौन सी पार्टी अपनी जीत का परचम लहराती है।

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