Karauli: मंदिर की जमीन पर बूचड़खाने! सभापति के साहबजादे अमीनुद्दीन पर आरोप, देखें Video

राजस्‍थान के करौली में मंदिर की जमीन पर बूचड़खाना बनाने के आरोप में गहलोत सरकार के खिलाफ हिंदू संगठनों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि स्थानीय पार्षद अमीनुद्दीन खान ने अवैध तरीके से श्री कल्याण राय मंदिर की 22 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है।
Karauli: मंदिर की जमीन पर बूचड़खाने!  सभापति के साहबजादे अमीनुद्दीन पर आरोप, देखें Video

राजस्‍थान के करौली में मंदिर की जमीन पर बूचड़खाना बनाने के आरोप में गहलोत सरकार के खिलाफ हिंदू संगठनों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। हिन्दू संगठनों के द्वारा आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस के स्थानीय पार्षद अमीनुद्दीन खान ने अवैध तरीके से श्री कल्याण राय मंदिर की 22 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है।

मंदिर की बेशकिमती जमीन पर कब्जा करने का मामला

हिंदू सगंठनों ने मंदिर की बेशकिमती जमीन पर कब्जा करने के विरोध में आंदोलन की चेतावनी देते हुए अमीनुद्दीन खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जमीन पर कब्जा करने का आरोप बफ्पर बोर्ड के प्रमुख और करौली नगर परिषद के सभा पति के पुत्र अमीनुद्दीन खान पर लगा है।

RTI कार्यकर्ता अशोक पाठक के नेतृत्व में प्रशासन को चेतावनी

RTI कार्यकर्ता अशोक पाठक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंदिर माफी की जमीन पर अतिक्रमण कर उसे अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया। साथ ही मंदिर माफी की जमीन पर चल रहे अवैध बूचड़खाने का विरोध किया। अशोक पाठक ने बताया कि कल्याणरायजी मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। इसी तरह पाठक का यह भी आरोप है कि मासलपुर गेट के बाहर मंदिर माफी की जमीन पर अवैध बूचड़खाने संचालित हो रहे हैं।

अमीनुद्दीन खान की प्रशासन से अच्छी सांठ-गांठ?

बता दें कि अमीनुद्दीन खान पर करौली में 2 अप्रैल को हुए दंगों में भी संलिप्ता पाई गई थी। हिन्दू संघठनों का कहना है कि अमीनुद्दीन खान की प्रशासन से अच्छी सांठ-गांठ है। इसी के चलते करौली में 2 मंदिरों की भूमि पर कब्जा किया गया है। कब्जा की गई जमीन पर सभा पति के साहबजादे भूखंड काट रहे है।

दूसरी भूमि हनुमान मंदिर की है जहां पर 8 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस मंदिर की जमीन पर तीन बूचड़खाना चल रहे है। जिसका संचालन निजाम कूरैशी, साहु कुरैशी के द्वारा टीन शेड लगाकर किया जा रहा है।

आपको बता दें कि करौली दंगो के समय अमीनुद्दीन खान की भूमिका काफी संदिग्द थी। उस समय भी इसपर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन उस समय भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

प्रशासन के द्वारा केवल और केवल आश्वासन

कार्रवाई को नाम पर अभी तक प्रशासन के द्वारा केवल और केवल आश्वासन दिया गया है। आश्चर्य की बात है कि इस बारें में कोई पहली बार शिकायत नहीं की गई है।

इससे पहले भी इसके बारें में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन कोई भी कार्रवाई करने से बचता है। क्योकिं जिस व्यक्ति अमीनुद्दीन खान को लेकर बार बार शिकायत दी जा रही है वह वर्तमान में मनोनीत पार्षद के साथ-साथ सभापति के पुत्र भी है।

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