चुनावों में फर्जीवाड़ा रोकेगी cVIGIL ऐप! वोटर्स फोटो-वीडियो इस पर भेज कर पाएंगे शिकायत, ECI का दावा 100 मिनट में होगा एक्शन

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जनवरी के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकती है‚ इस बार भी 403 विधानसभा सीटों के लिए 7 चरणों में चुनाव कराने की योजना। चुनाव में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आमजन से की cVIGIL ऐप इस्तेमाल करने की अपील
गुरुवार को चुनाव की आयोग की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लखनऊ में विधानसभा चुनाव पर जानकारी देते ECI सुशील चंद्रा।

गुरुवार को चुनाव की आयोग की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लखनऊ में विधानसभा चुनाव पर जानकारी देते ECI सुशील चंद्रा।

चुनाव आयोग ने गुरुवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव समय पर ही होंगे। इलेक्श कमीशन ने कहा कि लोग चुनाव के दौरान cVIGIL ऐप का इस्तेमाल करें। अगर चुनाव में फर्जीवाड़ा या ​धांधली हो रही है तो लोग इसकी शिकायत इस एप के माध्यम से कर पाएंगे और हम कार्रवाई करेंगे। इस ऐप को आयोग ने 3 साल पहले 2019 में लॉन्च किया था। जानिए ये एप चुनाव के दौरान आपके लिए कैसे हैल्पफुल रह सकती है।

cVIGILकिस तरह की एप है?
चुनाव में अनियमितता रोकने के लिए चुनाव आयोग ने cVIGIL ऐप तैयार किया है। इस ऐप की मदद से मतदाता चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। इस ऐप को सभी Android और iOS यूजर्स के लिए तैयार किया गया है। ऐप पर शिकायत करने के लिए, उपयोगकर्ता को स्मार्टफोन के कैमरे और जीपीएस तक पहुंच की आवश्यकता होती है। चुनाव आयोग पिछले 3 साल से हर तरह के चुनाव में इस ऐप का इस्तेमाल कर रहा है।

cVIGIL ऐप से चुनावों में ट्रांसपिरेंसी कैसे आएगी?

  • वह राज्य जिसमें चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो‚ वहां के लोग इस ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • चुनाव आयोग के मुताबिक चुनाव की तारीखों की घोषणा से लेकर मतदान खत्म होने तक कोई भी व्यक्ति cVIGIL ऐप के जरिए चुनाव आयोग को अपनी शिकायत भेज सकता है।

  • आचार संहिता के दौरान इस एप के जरिए नेताओं की ओर से किसी भी तरह के दस्तावेजों का अवैध वितरण, भ्रष्टाचार और विवादित बयानबाजी की शिकायत की जा सकती है।

  • शिकायतकर्ता द्वारा cVIGIL ऐप पर अपलोड किया गया कोई भी वीडियो या फोटो 5 मिनट के भीतर स्थानीय चुनाव अधिकारी को भेज दिया जाएगा।

  • शिकायत सही हुई तो 100 मिनट के अंदर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

  • मई 2019 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार इस ऐप का इस्तेमाल किया गया था। तब से लगातार चुनावों में ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

cVIGIL ऐप के माध्यम से आप कंप्लेन कैसे कर पाएंगे?
जो लोग cVIGIL ऐप के जरिए किसी की शिकायत करना चाहते हैं। उन्हें यह ऐप इंस्टॉल करना होगा। ऐप इंस्टाल होने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए शिकायतकर्ता को नाम, पता, राज्य, जिला, विधानसभा और पिनकोड की जानकारी देनी होगी। इसे एक ओटीपी की मदद से वेरिफाई किया जाएगा। अब शिकायत करने के लिए फोटो या कैमरा चुनें। एप पर शिकायतकर्ता 2 मिनट तक का वीडियो अपलोड कर सकता है। फ़ोटो और वीडियो से संबंधित विवरण के लिए एक बॉक्स भी उपलब्ध है, जहां उनके बारे में लिखा जा सकता है।
<div class="paragraphs"><p>गुरुवार को चुनाव की आयोग की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लखनऊ में विधानसभा चुनाव पर जानकारी देते ECI सुशील चंद्रा।</p></div>
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यूनिक आईडी के जरिए फॉलोअप को कर पाएंगे ट्रैक

चुनाव आयोग के मुताबिक अपलोड की गई फोटो या वीडियो से उस जगह की लोकेशन का भी पता चल जाता है। फोटो या वीडियो अपलोड होने के बाद यूजर को एक यूनिक आईडी मिलेगी। इसके जरिए वे मोबाइल पर ही फॉलोअप को ट्रैक कर सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है। हालाँकि, आप पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो या फ़ोटो को ऐप पर अपलोड नहीं कर सकते। इतना ही नहीं ऐप से रिकॉर्ड किए गए वीडियो या फोटो फोन गैलरी में सेव नहीं होंगे।

मतदान के समय में एक घंटे की बढ़ोत्तरी
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि चुनाव कोविड प्रोटोकॉल के तहत कराए जाएं। चुनाव आयोग घनी आबादी वाले मतदान केंद्रों को खुले में लाएगा, महिलाओं की सुरक्षा और बुजुर्गों के लिए सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा है कि पेड न्यूज पर भी चर्चा हुई है। साथ ही यह भी बताया गया कि मतदाता सूची 5 जनवरी को जारी की जाएगी।

9 से 15 जनवरी के बीच कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है

इधर यूपी में चुनाव को लेकर आयोग ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जनवरी के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकती है। इस बार भी 403 विधानसभा सीटों के लिए 7 चरणों में चुनाव कराने की योजना है। ऐसे में माना जा रहा है कि यूपी में 9 से 15 जनवरी के बीच कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है।

इस चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 15 करोड़ है, जिसमें 52.8 लाख नए मतदाता हैं। इसमें 28.86 लाख महिला मतदाता हैं। कोविड को देखते हुए पूरे राज्य में चुनाव में मतदान का समय एक घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है। अब आठ से पांच बजे के बजाय शाम आठ बजे से छह बजे तक मतदान होगा।

<div class="paragraphs"><p>गुरुवार को चुनाव की आयोग की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लखनऊ में विधानसभा चुनाव पर जानकारी देते ECI सुशील चंद्रा।</p></div>
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