भजनलाल को तलाशने में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर की रही महत्वपूर्ण भूमिका

Rajsthan Cm: BJP के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को राजस्थान का मुख्यमंत्री तो बना दिया, लेकिन इसके साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व ने जोखिम भी लिया है।
भजनलाल को तलाशने में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर की महत्वपूर्ण रही मुख्य भूमिका
भजनलाल को तलाशने में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर की महत्वपूर्ण रही मुख्य भूमिकाimage credit: sinceindependence

Rajsthan Cm: BJP के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को राजस्थान का मुख्यमंत्री तो बना दिया, लेकिन इसके साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व ने जोखिम भी लिया है।

CM के लिए राजनीतिक अनुभव होना जरूरी है, इस धारणा को पीछे धकेलते हुए भजनलाल शर्मा अब 15 दिसंबर को राजस्थान जैसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। इस बार भाजपा के 115 विधायक हैं। इनमें से चार विधायक तो सांसद भी हैं।

भजनलाल के लिए सरकार चलाना हो सकता है जोखिम भरा

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा जैसे दिग्गज नेता भी विधायक हैं। कोई चालीस ऐसे विधायक हैं जो मंत्री पद पर अपना मजबूत दावा मानते हैं। यह बात अलग है कि कुछ वरिष्ठ विधायक स्वयं ही मंत्री बनने का इरादा त्याग दें।

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व में भजनलाल के साथ साथ जयपुर राजघराने की दीया कुमारी और SC वर्ग के प्रेमचंद बैरवा को उप मुख्यमंत्री घोषित किया। माना जा रहा है कि कैबिनेट और राज्य मंत्रियों की नियुक्ति भी राष्ट्रीय नेतृत्व अपने नजरिए से करेगा।

ऐसे में भजनलाल के लिए सरकार चलाना जोखिम भरा है। यह जोखिम तब और बढ़ जाता है, जब वसुंधरा राजे जैसी नेता भी विधायक की भूमिका में है।

पेट्रोल- डीजल पर से वैट होगा कम

PM मोदी ने चुनावी सभाओं में कहा था कि भाजपा की सरकार बनते ही राजस्थान में पेट्रोल और डीजल पर से वैट कम कर दिया जाएगा।

रसोई गैस का सिलेंडर भी मात्र 450 रुपए में मिलेगा। यानी भजनलाल को एक और सरकार के राजस्व कम करने वाले निर्णय लेने पड़ेंगे तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी भी रखना होगा।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जो मुफ्त की योजनाएं लागू की उनमें कटौती करना भजनलाल शर्मा के लिए कठिन हो सकता है।

यह सही है कि भजनलाल शर्मा अब तक भाजपा के संगठन में सक्रिय रहे और उनकी छवि साफ सुथरी और ईमानदारी वाली है। लेकिन अब भजनलाल को मुख्यमंत्री का दायित्व निभाना है।

भजनलाल को यह भी ध्यान रखना होगा कि विपक्ष में करीब 80 विधायक हैं, इनमें से 70 कांग्रेस के है। कांग्रेस का प्रयास होगा कि भजनलाल को विफल किया जाए।

चंद्रशेखर की पहल पर ही भजनलाल को सांगानेर से लड़ाया गया चुनाव

प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए भजनलाल शर्मा का नाम तलाशने में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। असल में चंद्रशेखर पिछले कई वर्षों से संगठन का दायित्व संभाल रहे हैं।

चंद्रशेखर को भाजपा के प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता के बारे में विस्तृज जानकारी है। सूत्रों की माने तो चंद्रशेखर की पहल पर ही भजनलाल को भरतपुर से निकाल कर जयपुर के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाया गया।

सांगानेर को सुरक्षित मानते हुए ही भजनलाल को उम्मीदवार बनाया गया। यानी चंद्रशेखर को यह पता था कि भजनलाल ही अगले मुख्यमंत्री होंगे।

लेकिन इसे भाजपा और चंद्रशेखर की रणनीति ही कहा जाएगा कि आखिर समय तक भजनलाल के नाम को गुप्ता रखा गया।

12 दिसंबर को जब नवनिर्वाचित विधायकों का फोटो सेशन हुआ, तब भी भजनलाल पांचवीं पंक्ति में खड़े नजर आए।

राजस्थान में भाजपा के उम्मीदवारों के चयन और फिर प्रचार की रणनीति बनाने में भी चंद्रशेखर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है

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