जानें क्या है EO, RO भर्ती का मामला, कहां तक पहुंची जांच

आरपीएससी द्वारा आयोजित एग्जीक्यूटिव ऑफिसर तथा रेवेन्यू ऑफिसर की ये भर्तियां राजस्थान की महत्वपूर्ण जॉब्स में से एक है। जिसे पास करते ही अभयर्थी सीधे अफसर पद पर तैनात होते हैं।
जानें क्या है EO, RO भर्ती का मामला, कहां तक पहुंची जांच
जानें क्या है EO, RO भर्ती का मामला, कहां तक पहुंची जांच

आरपीएससी द्वारा आयोजित एग्जीक्यूटिव ऑफिसर तथा रेवेन्यू ऑफिसर की ये भर्तियां राजस्थान की महत्वपूर्ण जॉब्स में से एक है।

जिसे पास करते ही अभयर्थी सीधे अफसर पद पर तैनात होते हैं। EO एक प्रशासनिक पद है। जहां स्वायत्त शासन विभाग के अंतर्गत आने वाली नगर पालिका, नगर निगम और नगर परिषद के पद पर तैनात किया जाता है।

शुरुआत में नगर पालिका में EO की नियुक्ति की जाती है और रेवेन्यू अफसर नगर पालिका और नगर परिषदों के पद पर तैनात किए जाते है और राजस्व से जुड़ा समस्त कार्यभार संभालते है।

क्या है मामला

आरपीएससी द्वारा आयोजित की गईं इन परीक्षाओं में गबन का आरोप है जिसको लेकर मुकेश चौधरी की याचिका पर सुनवाई हुई।

भ्रष्टाचार और अनियमित्ताओं के चलते अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा को रद्द कराने के मांग की है, जिसके लिए उन्होनें हाईकोर्ट का रुख किया है।

कैसे हुआ भ्रष्टाचार,ओएमआर शीट बदलवाने के आरोप।

14 मई,2023 में आयोजित ये परीक्षा 2 पारियों में की गई थी। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे लाखों रुपये की मांग की गई, जिसके बदले उनके ओएमआर शीट बदलवाने और उन्हें अच्छे नंबर दिलवाकर, परीक्षा में चयन करवाने की गारंटी दी गई।

इस मामले में एसीबी ने 18.50 लाख की रिश्वत लेते 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसके कारण पूरा आरपीएससी विभाग मिलीभगत के बड़े पैमाने में कथित तौर पर भ्रष्टाचार और अनियमित्ताओं के घेरे में आ खड़ा हो गया है।

ये सब काम गोपनीय तरीके से किए जाते थे,ये पूरे आरपीएससी विभाग की मिलीभगत है या एक शख्स की और वो शख्स है कौन इस बात पर से आज भी पर्दा नहीं उठ पाया है।

इस परीक्षा में परिणाम जारी होने के बाद काउंसलिंग में अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को बिठाने का मामला भी सामने आया था।

भर्ती पर मंडरा रहा नक़ल गिरोह और दलालों का काला सांया

माफिया और दलाल इस भर्ती पर नजर गढ़ाए बैठे हैं इस परीक्षा को उन्होनें धंधा बनाकर रख दिया है। ब्लूटूथ द्वारा नक़ल करते पकड़े जाते हैं। वहीं कांग्रेस के बड़े नेता गोपाल केसावत की ओएमआर शीट बदलवाने के बदले पैसे लेने वाला शख्स एसीबी द्वारा पकड़ा जाता है।

एसीबी ने कसा शिकंजा

एसीबी की टीम ने आज आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा पर कार्यवाही की है। इसकी पूछताछ आयोग कार्यालय में हुई। गोपाल केसावत सहित अन्य द्वारा ली गयी रिश्वत मामले में ये पूछताछ की गयी है।

12 मार्च को इस मामले में संगीता आर्य से पूछताछ की गई थी। ये जानकारी एडिशनल एसपी सुरेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा दी गई।

अब सवाल यह उठते हैं कि रिश्वत के बदले परीक्षा पास कराने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड आखिर है कौन ? कांग्रेस नेता गोपाल केसावत ने आरपीएससी सदस्य का नाम क्यों लिया ? क्या अभी तक जांच में आरपीएससी सदस्यों के खिलाफ कुछ नहीं मिला।

गोपाल केसावत चार आरपीएससी मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों से आखिर मिले तो मिले कैसे ?हालांकि सवाल उठाने से कोई दोषी नहीं बन जाता है लेकिन जब बाबू लाल कटारा जैसे लोग पेपर लीक प्रकरण में पकडे जाते हैं तो भर्ती में हुई इस धांधली से इंकार भी नहीं किया जा सकता है।

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