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Parliament Winter Session: कृषि कानूनों की वापसी को तैयार सरकार, विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगी TMC, MSP पर विपक्ष करेगा वार

Ishika Jain

संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। संसद का मानसून सत्र तो आप देख ही चुके है, कितने हंगामों से भरपूर था। अब शीतकालीन सत्र के दौरान भी लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे की पूरी संभावना है। पेगासस, किसान, महंगाई और तेल की कीमतों के कुछ ऐसे मुद्दे है, जिन्हें आधार बनाकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। सभी विपक्षी दलों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून बनाने पर चर्चा की मांग उठाई है।

वहीं, सरकार सत्र के पहले दिन ही तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का विधेयक लोकसभा में पेश करेगी। संसद का यह सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की घोषणा की थी और इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन तीन कानूनों को निरस्त करने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी। इसके अलावा सरकार इस पूरे सत्र में लगभग 30 बिल पेश करने जा रही है, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी, बिजली, पेंशन, वित्तीय सुधार और बैंकिंग कानून से जुड़े बिल शामिल हैं।

MSP पर चर्चा के लिए कार्य निलंबन नोटिस

भाकपा सांसद बिनाय विश्वम ने राज्यसभा में कामकाज को स्थगित करने का नोटिस दिया है और एमएसपी की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने पर चर्चा की मांग की है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है, जिसमें सरकार को कृषि कानूनों के विरोध में जान गंवाने वाले किसानों का रिकॉर्ड बनाने और उनके परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश देने के लिए चर्चा की मांग की गई है।

किसानों को मुआवजा देने की उठाई मांग

कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है और सरकार से तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की पहल करने और पिछले एक साल में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए 700 किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा करने के निर्देश भी दिए गए है।

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कार्य मंत्रणा समिति की बैठक सुबह 10:30 बजे

लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की सोमवार को सुबह 10:30 बजे बैठक होगी। इस बीच कांग्रेस ने अपने सांसदों को संसद के दोनों सदनों में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने राज्यसभा सांसदों को 29 नवंबर को संसद के दोनों सदनों में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।

कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 करेंगे पेश

कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 सोमवार को लोकसभा में विचार और पारित होने के लिए सूचीबद्ध है। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा से पास होने के बाद इसे सोमवार को ही राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है। कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 में कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा), 2020 – किसान (सशक्तिकरण-संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर अनुबंध विधेयक, 2020 – आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम, 2020 शामिल हैं।

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पेश होंगे करीब 30 बिल

लोकसभा सचिवालय के मुताबिक आर्थिक और अन्य सुधारों से जुड़े विधेयकों में बिजली संशोधन विधेयक 2021, बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021, पेंशन सुधार पर पीएफआरडीए संशोधन विधेयक, दिवाला और शोधन अक्षमता दूसरा संशोधन विधेयक 2021, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2021, मध्यस्थता विधेयक 2021 शामिल हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट, कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट्स, कंपनी सेक्रेटरीज अमेंडमेंट बिल 2021 आदि शामिल है।

क्रिप्टोकरंसी पर निचले सदन में पेश होगा विधेयक

वहीं, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान निचले सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची में क्रिप्टोकरंसी और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 सूचीबद्ध है। बिल भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी एक आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के निर्माण के लिए एक सहायक ढांचा तैयार करना चाहता है। इस प्रस्तावित बिल में भारत में सभी तरह की प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी को बैन करने की बात कही गई है।

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